Wednesday, June 15, 2016

कामख्या असम गुवाहाटी अम्बुवासी मेला २०१६ (kamakhya assam guwahati ambuwasi mela 2016)


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कामख्या मैया जी जय

दोस्तों
माताओं बहनों भाइयों
कामख्या शक्ति पीठ जो की असम गुवाहाटी में स्थित है !
ये कामख्या रेलवे स्टेशन से लगभग 7 किलीमीटर दूर है !
स्टेशन से बाहर निकलते ही आपको टेक्सी मिल जाती है जो लगभग 200 रूपये  में आपको मंदिर पहुंचा देगी ! मध्यम वर्गीय लोग जो बस से जाना चाहे उनके लिए वो स्टेशन से निकल कर मुख्य रोड तक पैदल आकर बस में बेठ कर मंदिर के मुख्य दरवाजे तक पहुँच सकते है बस का भाडा 5 रुपये होता है ! फिर मुख्य दरवाजे से आपको ASTC की बस या यात्री गाड़ी मिल जाएगी जो आपसे 10 रुपये लेगी वो आपको मंदिर के भीतर पहुचादेगी
(मंदिर में शतचंडी, दस महाविद्या अनुष्ठान , महामृत्युंजय अनुष्ठान करवाने के लिए संपर्क सूत्र पंडित योगेश शर्मा (पारीक )
9435571794
http://kamrupkamkhya.blogspot.in/
yogeshpareek18@gmail.com)


रुकने का स्थान 


-- मंदिर प्रांगण में मंदिर की तरफ से भवन बना हुआ है .. जिसमे मुख्यत कमरे बुक रहते है जिसका किराया ५०० रुपये  प्रति दिन है
इसके अलावा आप रहने के लिए पंडित जी के घर में रह सकते है जो प्रति दिन ३००  से ५०० तक मिल जाता है लेकिन नवरात्री और अम्बुवाची  में ये किराया १००० से ३००० तक भी हो सकता है !

 कामख्या पुजारी सिद्धार्थ

 ( संजीब दा) बड पुजारी है +919085200918  इनसे रहने, पूजा, बलि पूजा  के विषय में चर्चा कर सकते है
(मंदिर में शतचंडी, दस महाविद्या अनुष्ठान , महामृत्युंजय अनुष्ठान करवाने के लिए संपर्क सूत्र पंडित

योगेश शर्मा (पारीक )

9435571794
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दर्शन के समय पूजा की सामग्री -- नारियल सिंदूर दीपक तेल घी अगरबती मोली चुनडी सुहाग पिटारी

अम्बुवाची  मेला २०१६ इस साल प्रति वर्ष के अनुसार  २२ जून से २६ तक रहेगा ! तो आप सभी मेले में भाग लेकर और साधना और दीक्षा ले कर जीवन को सफल बनावे ! अबुवाची ये दुनिया का सबसे बड़ा तांत्रिक मेला होता है इस समय में लोग  गुवाहाटी असम (कामरूप ) कामख्या में आकर साधना करते है !

क्या है अबुवाची

 -- इस समय में माना जाता है की जिस प्रकार प्रत्येक स्त्री को मासिक धर्म रहता है उसी प्रकार माँ कामख्या जो योनी की स्वरूपिणी है उनका भी मासिक धर्म रहता है इस अन्तराल में किया हुआ जप सहस्त्र गुना अधिक फल प्रधान करने वाला होता है  ! इस  समय में मुख्यता तांत्रिक साधने होती है ! इस समय अवधी में मंदिर के कपाट (दरवाजे) बंध रहते है मंदिर के अन्दर प्रवेश निषेध होता है ! मंदिर प्रागंण में लोग साधना करते रहते है २६ को जब कपाट खोले  जाते है पुजारी जी  ( पण्डे ) मंदिर की सफाई करके माँ के रज को साफ करके पूजा आरती बलि आदि देकर भक्तो को दर्शन करवाए जाते है पूजा करवाई जाती है
माता का चीर जो की २२ से २६ तक माता धारण करके रखती है!  उसे प्राप्त करके अगर तिजोरी में रखा जाए तो लक्ष्मी स्थिर हो जाती है रोगी धारण करे तो सरे रोग नष्ट नो जाते है इसके अलावा भी बहुत सारे उपयोग में इसे लिया जाता है
पीठ का जल -- इसको भी घर में रखना चाहिए और किसी भी व्यक्ति जो किसी भी बाधा से ग्रस्त है उससे पिलाया जाए तो सही हो जाता है !

।।साधना करने से पुर्व जानने योग्य बाते ।।


कामख्या भगवती सती के अंग से योनि रूप में प्रगट हुई है। और यह देवी का स्वरूप है । इस लिए इनकी साधना नवरात्री में और अम्बुवाची  विशेष फलदायक है तथा यहा गुवाहाटी असम कामख्या में जून महीने में २२ से २६  माता को रजस्वला दोष आता है देवीपुराण के अनुसार सतयुग में यह पर्व 16 वर्ष में एक बार, द्वापर में 12 वर्ष में एक बार, त्रेता युग में 7 वर्ष में एक बार तथा कलिकाल में प्रत्येक वर्ष जून माह में मनाया जाता है। इसे अम्बूवाची योग पर्व कहते है । जिस कारण इस समय में यहा साधना करना तो बहुत बहुत फलदायक है।

केसे करे साधना

 -- अपने गुरु से प्राप्त कोई भी साधना या मंत्र जप इस समय में किया जा सकता है  इसके अलावा दुर्गा सप्तशती का पाठ एवं कामख्या के बीज़ मंत्र का भी जप किया  जाता है!
(मंदिर में शतचंडी, दस महाविद्या अनुष्ठान , महामृत्युंजय अनुष्ठान करवाने के लिए संपर्क सूत्र पंडित योगेश शर्मा (पारीक )
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साधना के नियम

 -- 1  स्नान 2 मानसिक शुद्धी  3 त्रिकाल संध्या 4 लाल वस्त्र ( साधना के अनुसार वस्त्र  ) 5 गुरु पूजन  फलाहार  6 मोन ( हो सके तो बिना बोले ) 7 फलाहार 8 ब्रहचर्य का पालन

मंदिर में शतचंडी, दस महाविद्या अनुष्ठान , महामृत्युंजय अनुष्ठान करवाने के लिए संपर्क सूत्र पंडित योगेश शर्मा (पारीक )
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आप पोस्ट द्वारा माँ की चुनरी और प्रसाद जल और चिर मंगवा सकते है
जय माँ कामख्या
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रावण द्वारा रचित उड्डीश तंत्र पुस्तक फ्री पीडीएफ

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